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सागर-दमोह फोर लेन मे भू अर्जन का कार्य शीघ्रता से करने के दिए निर्देश

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *सागर-दमोह फोर लेन के कार्य में भू-अर्जन का कार्य शीघ्रता से करें एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में सभी निर्माण विभाग पर्याप्त प्रबंध करें। उक्त निर्देश कलेक्टर संदीप जी आर ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए। इस अवसर पर विभाग के विनोद तंतुवाए, सुरेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने अन्य सड़क विकास निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सागर-दमोह फोर लेन सड़क के कार्य में किए जाने वाले भू-अर्जन एवं वन विभाग की अनापत्ति का कार्य स्वीकृति से करें, जिससे कि निर्माण एजेंसी नियुक्त की जा सके और कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सड़क शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके बनने से जबलपुर तक का रास्ता आसान होगा और समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सागर-रहली-तेंदूखेड़ा सड़क पर क्षतिग्रस्त पुल का कार्य भी शीघ्रता से करें। विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि उक्त पुल की निर्माण एजेंसी निर्धारित हो गई है तथा कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होगा। सागर-दमोह फोर लेन सड़क की अनुमति मंत्रिपरिषद की बैठक के निर्णय दिनांक 09 दिसंबर 2025 को प्राप्त हुई थी। सागर-दमोह मार्ग का 4-लेन (पेव्ड शोल्डर सहित) हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल एचएएम के अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण। सागर-दमोह मार्ग (लंबाई 76.680 किमी) का 4-लेन (पेव्ड शोल्डर सहित) हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल एचएएम के अंतर्गत उन्नयन एवं निर्माण हेतु परियोजना की वित्तीय लागत रुपये 2059.85 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई।
लागत का 40 प्रतिशत हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल एचएएम के अंतर्गत मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से जीएसटी सहित वहन किया जाएगा। शेष 60 प्रतिशत राशि का प्रावधान संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छमाही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भू-अर्जन एवं अन्य कार्य हेतु रुपये 323.41 करोड़ का भुगतान भी राज्य बजट से किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत 13 अंडरपास, 03 वृहद पुल, 09 मध्यम पुल, 01 आरओवी, 13 वृहद जंक्शन एवं 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाएं एवं बड़े-बड़े साइनेज बोर्ड लगाए जाएं, जिससे डायवर्जन सड़कों की जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सड़क निर्माण में लगी विभागीय एजेंसियां निर्माण के समय सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करें।

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